इतिहास
समय-रेखाTimeline
यह समय-रेखा जान-बूझकर असमान है। जिन युगों का कोई अभिलेख नहीं मिला, वे यहाँ खाली दिखते हैं — भरे हुए नहीं। खाली जगह भी एक जानकारी है, और इस अभिलेख में वह सबसे उपयोगी जानकारी है।
1900–1947
रेलवे, त्रिपाठी का जीवन, राष्ट्रीय आंदोलन
1917–33
कविता कौमुदी छह भागों में प्रकाशित
गाँव के गीतों का पहला हिंदी संकलन। त्रिपाठी ने वह सामग्री गाँवों में घूमकर एकत्र की — यही काम कोइरीपुर के लिए उनके दावे को साहित्यिक इतिहास में सबसे मज़बूत बनाता है।
1947–1970
स्वतंत्रता, भूमि सुधार, विद्यालय
1958
एक कविता “कोइरीपुर (सुल्तानपुर)” से दिनांकित
8 अप्रैल का यह दिनांक-चिह्न इस बात का प्रमाण है कि जीवन के उत्तरार्ध में भी वे इसी क़स्बे से लिख रहे थे — कोइरीपुर से उनके सम्बंध का सबसे सीधा साक्ष्य।
1962
रामनरेश त्रिपाठी का निधन, 16 जनवरी
लगभग सौ पुस्तकों का लेखन-संपादन पीछे छोड़ गए। सुल्तानपुर का प्रेक्षागृह उनके नाम पर है; कोइरीपुर में उनके नाम से जुड़ा कोई स्मारक अभी प्रलेखित नहीं है।